आदर्श विद्यालय

बुधवार को अंतिम अपडेट, 27 मार्च 2019 11:07

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            दृष्टिबाधितार्थ आदर्श विद्यालय का शुभारंभ भारत सरकार द्वारा ब्रेल लिपि के आविष्कारक लुई ब्रेल की 150 वीं जन्मशती के अवसर पर 4 जनवरी, 1959 को किया गया था। लुई ब्रेल ने दृष्टिहीनों के लिए पढ़ना व, लिखना सुगम बनाया। वर्तमान में, 116 राजपुर मार्ग देहरादून पर स्थित इस सह-शिक्षा विद्यालय में 240 विद्यार्थी हैं। विद्यालय का मुख्य उद्देश्य दृष्टिबाधित विद्यार्थियों का शिक्षण व अधिगम है, जिसके लिए विद्यालय में समस्त संभव संसाधन एवं स्टाफ है। विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी दृष्टिबाधा के बावजूद उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। विद्यार्थियों के सर्वागीण विकास हेतु यहाँ समस्त प्रयास किए जा रहे हैं।
            हमारे विद्यालय का मिशन है कि विद्यालय में नामांकित प्रत्येक बच्चा ब्रेल शिक्षित हो। दृष्टिबाधितों को ब्रेल में शिक्षित करके ही उन्हें आत्म-निर्भर बनाया जा सकता है। विद्यार्थियों एवं स्टाफ के साथ हुए विचार-विमर्श के अनुसार, विद्यार्थियों का ब्रेल के प्रति घटती रूचि चिंता का विषय है, जिसका तुरंत उपाय किया जाना आवश्यक है। विद्यालय का उद्देश्य वर्ष 2020 तक पूर्ण ब्रेल साक्षरता को प्राप्त करना है। इसके लिए, अधिगम हेतु श्रव्य सामग्री पर निर्भरता को कम करना होगा।
            दृष्टिबाधितों हेतु प्रौद्योगिकी को प्रयोग की भी अवहेलना नहीं की जा सकती। दृष्टिबाधित व्यक्ति भी स्क्रीन पठन सॉफ्टवेयर के प्रयोग से प्रौद्योगिकी का प्रयोग करने में सक्षम हैं। अतः विद्यालय का उद्देश्य द्विगुणित है, जिसमें विद्यार्थियों को ब्रेल साक्षरता के साथ-साथ आधुनिक प्रौद्योगिकी के प्रयोग में समर्थ बनाना है। एक सक्षम दृष्टिबाधित युवा अपनी सर्वोत्तम योग्यताओं से समाज की प्रगति व विकास में योगदान दे सकेंगे।
            अंततः हमारे विद्यालय का मिशन ब्रेल साक्षरता के साथ-साथ सभी विद्यार्थियों को आत्म-निर्भर बनाने; उनके करियर व जीवन हेतु तैयार करने और समाज की मुख्य धारा में उन्हें सम्मिलित करने हेतु प्रौद्योगिकी के प्रयोग से परिचित करना है। विद्यालय न केवल इसके लिए आवश्यक प्रबंध करेगा, बल्कि इस मिशन को प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को प्रोत्साहित करने के प्रयास भी करेगा।
            दृष्टिबाधितार्थ आदर्श विद्यालय सीबीएसई बोर्ड (वर्ष 1987, से संबद्धता क्रमांक 3530023 एवं इसका विस्तारण 31, मार्च 2017 तक है) से सबंद्ध एक उच्च कोटि का सह-शिक्षा आवासीय विद्यालय है और इसकी स्थापना वर्ष 1959 में की गई। इसके छात्र विभिन्न पृष्ठ्भूमि और देश के अनेक विविध भागों से आते हैं। हमारे विद्यालय का मिशन “प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी योग्यता के अनुसार शिक्षित करना है”।
            विद्यालय द्वारा प्रस्तावित सेवाओं एवं लाभों में निःशुल्क शिक्षा, भोजन एवं आवास वर्दी, पुस्तकें एवं उपकरण शामिल हैं। विद्यालय ऐसा वातावरण उपलब्ध कराता है, जो बच्चों को जिज्ञासु बनाता है और विद्यार्थियों को उनकी सृजनात्मकता को अभिव्यक्त करने तथा उनके कौशल निर्माण के अनेक अवसर उपलब्ध कराता है।
            विद्यार्थी कक्षा 11 व 12 में मानविकी के विषय पढ़ते हैं। कंप्यूटर कक्षा तीन से पढ़ाया जाता है। कुंजीपटल पर चलती अंगुलियाँ विद्यार्थी की निपुणता को दर्शाती हैं।
            दृष्टिबाधितार्थ आदर्श विद्यालय में शिक्षा का व्यापक अर्थ में स्वीकार किया गया है, क्योंकि विद्यालय का प्रयास बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है। यहाँ चार पुस्तकालय हैं – जैसे ध्वन्यांकन पुस्तकालय, विद्यालय पुस्तकालय, मुद्रित पुस्तकालय और ब्रेल पुस्तकालय।
            विद्यालय के विद्यार्थी उत्कृष्ट खिलाड़ी एवं एथलीट हैं। उन्होंने अपनी क्षमता का प्रदर्शन विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खेल-कूद स्पर्धाओं में किया है। सबसे अधतन उपलब्धि कोलोराडो, यूएसए में आयोजित आईबीएसए यूथ एवं स्टूडेंट्स चैम्पियनशिप 2009 में 4 स्वर्ण एवं 2 कांसा पदक जीते है।
            योग एवं जूडो कराटे विद्यार्थियों को मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ तथा स्फूर्तिवान रखते हैं।
            उनकी सृजनात्मकता को बढ़ाने के लिए विद्यालय समय के पश्चात संगीत, नृत्य एवं नाटक में हॉबी कक्षाएँ भी चलाई जाती हैं।

हॉबी कक्षाएँ

            विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए विद्यालय समय के पश्चात हॉबी कक्षाएँ भी चलाई जाती है। विद्यालय निम्नलिखित सुविधाएँ प्रदान करता है:-
इंडोर खेल
नृत्य कक्षाएँ
संगीत कक्षाएँ
छात्रावास
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा जांच सुविधा

विद्यालय अवकाश

    ग्रीष्मकालीन अवकाश

            मई के द्वितीय शनिवार के पश्चात बंद एवं 1 जुलाई को पुनः आरंभ

    वसंतकालीन अवकाश

            दशहरा से दीपावली तक

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